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मौसम ने ली फिर करवट, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से ठंड बढ़ी


हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम के तेवर बदल गए हैं. प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बुधवार को हिमपात का दौर शुरू हो गया. लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चम्बा की पर्वत श्रंखलाओं पर बर्फ गिर रही है. शिमला एवं आसपास के इलाकों में आसमान बादलों से घिरा रहा, वहीं मैदानी क्षेत्रों हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की बारिश हुई.

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बुधवार को बताया कि आठ फरवरी तक बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहेगा. नौ फरवरी को मौसम साफ हो जाएगा. लेकिन 10 से 12 फरवरी तक पहाड़ी इलाकों में फिर बर्फ़बारी का अनुमान है, जबकि मैदानों में मौसम साफ रहेगा. मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश में ठंड बढ़ गयी है. लाहौल-स्पीति का केलंग राज्य में सबसे ठंडा स्थल रहा, जहां न्यूनतम तापमान -9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

इसके अलावा किन्नौर के कल्पा में -3.2, कुफरी में 1.8, डलहौजी में 2.3, मनाली में 2.6, बज़ुअरा में 4.5, सोलन में 4.6, सुंदरनगर में 4.9, बरथिन में 5, चायल में 5.4, शिमला में 5.7, भुंतर में 5.8, मंडी में 6, धर्मशाला में 6.2, चम्बा में 7.2, ऊना में 7.8, नाहन में 7.9, हमीरपुर में 8, बिलासपुर में 8.2 और जुब्बड़हट्टी में 8.3 डिग्री दर्ज किया गया.

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पहाड़ी इलाकों में व्यापक बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में तेज ओलावृष्टि की चेतावनी जारी किया है. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने सम्बंधित जिलों के उपायुक्तों को किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए सचेत रहने के निर्देश दिए हैं. शिमला, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के प्रशासन ने आम लोगों के साथ पर्यटकों को बर्फीले इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है.

मौसम के बदले तेवर को देखते हुए एचआरटीसी को भी प्रभावित रूटों पर बसों को नहीं भेजने और बस चालकों को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पिछले दिनों हुई बर्फ़बारी से पर्वतीय इलाकों में अभी भी 100 के करीब सड़कें अवरुद्ध हैं.

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